मध्यप्रदेश के Indore Division में कुल 08 जिले हैं। इसका मुख्यालय इंदौर के मोती बंग्लों नामक स्थान पर है। इस संभाग के प्रमुख जिले क्रमश: इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी हैं। इनका विस्तृत वर्णन इस प्रकार है।
Major Districts of Indore Division
इंदौर जिला-
इंदौर शहर खान नदी के किनारे स्थित है। जनसंख्या के आधार पर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। होलकर वंश की राजधानी रही है। इंदौर के महू में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 में हुआ था। यह मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है।
- मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग का कार्यालय इंदौर में स्थित है।
- म.प्र. क्रिकेट एसोसिएशन का मुख्यालय इंदौर में है।
- पहला जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क यहां स्थापित किया जा रहा है।
- देश का ऐसा पहला शहर है, जहां आईआईटी और आईआईएम दोनों संस्थान यहां स्थित हैं।
- देश का पहला डाटा सेंटर पार्क और क्रिस्टल आईटी पार्क इंदौर में स्थित है।
- चंबल नदी का उद्गम महू की जानापाव पहाडि़यों से होता है।
खंडवा जिला-
खंडवा जिले को पूर्वी निमाड़ भी कहा जाता है। यह शंकराचार्य, माखनलाल चतुर्वेदी और सुभद्राकुमारी चौहान की कर्मस्थली रही है। गायक किशोर कुमार की समाधि स्थल है।
- यहां दादाजी धूनीवाले पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना की जा रही है।
- सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना यहां पर स्थित है।
- खंडवा के ओंकारेश्वर में ओंकार मांधाता का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग स्थित है।
- पुनासा में इंदिरा सागर परियोजना के तहत बांध का निर्माण किया गया है।
- हनुवंतिया में जल महोत्सव व जल पर्यटन केंद्र विकसित किया गया है।
बुरहानपुर जिला-
बुरहानपुर को दक्षिण का प्रवेश द्वार कहा जाता है। यहां पर अहीर राजा आशा द्वारा निर्मित मध्यकालीन असीरगढ़ का किला स्थित है, जिसे 1601 में अकबर ने जीता था।
- प्रदेश का पहला यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय बुरहानपुर में स्थित है।
- यहां चांदनी ताप विद्युत गृह के साथ-साथ आदिलशाह का मकबरा भी स्थित है।
- बुरहानपुर के नेपानगर में अखबारी कागज बनाने का कारखाना स्थित है।
- मुगल शासक शाहजहां की बेगम मुमताज की मृत्यु के पश्चात् बुरहानपुर में ही दफनाया गया था, जहां से उन्हें बाद में ताजमहल ले जाया गया था।
धार जिला-
परमार राजा भोज की नगरी धार की प्रसिद्धि मांडू के महलों के कारण चार-चांद लगा देती है। मांडू को प्राचीन में शादियाबाद के नाम से भी जाना जाता था। धार में राजा भोज द्वारा निर्मित भोजशाला और बागदेवी(सरस्वती) का प्रसिद्ध मंदिर है।
- भारत का डेट्राइट धार जिले के पीथमपुर में स्थित है।
- यहां डायनासोर जीवाश्म पार्क व निर्यात संवर्धन पार्क स्थित है।
- खरमौर पक्षी का संरक्षण धार जिले के अभयारण्य में किया जा रहा है।
- धार का किला, मांडू का जहाज महल, अशर्फी महल, रानी रूपमती का महल आदि यहां के प्रसिद्ध स्थल हैं।
- होशंगशाह का मकबरा भारत में संगमरमर की पहली इमारत है।
- धार के किले का निर्माण मोहम्मद बिन तुगलक ने करवाया था।
- यहां बाघ की गुफाएं स्थित हैं।
झाबुआ जिला-
झाबुआ जिला जनजाति बाहुल्य जिला है और भीली गुडि़या शिल्प के लिये प्रसिद्ध है।
- यहां राक फास्फेट के कारखानें व मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र झाबुआ में स्थित है।
- झाबुआ की साक्षरता दर 43.3 प्रतिशत है, जो कि प्रदेश के किसी भी जिले की नीचे से दूसरे नंबर की साक्षरता है।
- आदविासी शोध संचार केंद्र, झाबुआ में स्थित है।
- भगोरिया का मेला यहां रहने वाले भीलों से संबधित है।
अलीराजपुर जिला-
अलीराजपुर को वर्ष 2008 में झाबुआ से अलग करके जिला बनाया गया था। वर्ष 2018 में इसका नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया गया है।
- अलीराजपुर के भाबरा नामक स्थान पर प्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ था।
- यहा आदिवासी खेल विद्यालय की स्थापना की गई है।
- अलीराजपुर 36.1 प्रतिशत के साथ न्यूनतम साक्षरता वाला जिला है।
खरगोन जिला-
खरगोन जिले में महेश्वर ऐतिहासिक महत्व का शहर है। नर्मदा नदी के किनारे बने घाट और महेश्वर के किले का निर्माण होलकर वंश की रानी अहिल्यावाई होल्कर ने करवाया था।
- यह कपास उत्पादन में प्रदेश में प्रथम स्थान रखता है।
- प्रदेश का कपास अनुसंधान केंद्र खरगोन जिले में स्थित है।
- निमरानी औद्योगिक क्लस्टर जिले का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है।
- बडवाह नर्मदा नदी के किनारे बसा खरगोन का प्रमख शहर है।
बड़वानी जिला–
- बडवानी को 1998 में एक जिले का नाम दिया गया ।
- राज्य का चावल अनुसंधान केंद्र बड़वानी में स्थित है।
- भगवान आदिनाथ की 72 फीट ऊंची प्रतिमा यहां पर निर्मित की गई है।
- कॉटन जिनिंग फैक्ट्री, खंडवा के सेंधवा में स्थापित की गई है।
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