Bhopal Division । भोपाल संभाग । मध्‍यप्रदेश के जिलों की प्रमुख जानकारी।

मध्‍यप्रदेश के Bhopal Division में कुल 05 जिले हैं। इसके वर्तमान संभागायुक्‍त गुलशन बामरा जी हैं, मुख्‍यालय भोपाल में स्थित है। इस संभाग के प्रमुख जिले क्रमश: भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर हैं। इनका विस्‍तृत वर्णन इस प्रकार है।

Bhopal Division

भोपाल जिला-

भोपाल, मध्‍यप्रदेश की राजधानी है। भोपाल जिला का गठन 1972 ई. में सीहोर जिले से अलग करके किया गया था। यहां मध्‍यप्रदेश का सर्वाधिक जनसंख्‍या घनत्‍व (855 व्‍यक्ति प्रति वर्ग किमी) पाया जाता है। भोपाल प्रतियोगिता की दृष्टि से अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण है, क्‍योकि यहां अनेक विश्‍वविद्यालय, अनुसंधान संस्‍थान और संग्रहालय आदि स्थित हैं, जो कि इस प्रकार है-

  • वर्ष 2002 में स्‍थापित राष्‍ट्रीय नयायिक अकादमी भोपाल में स्थित है।
  • बरकतउल्‍ला विश्‍वविद्यालय, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय, राजा भोज खुला विश्‍वविद्यालय, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी , राष्‍ट्रीय विधि संस्‍थान और अटल बिहारी हिंदी विश्‍वविद्यालय सभी भोपाल में स्थित हैं।
  • मौलाना अबुल कलाम आजाद नेशलन इंस्‍टीटयूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी, भारतीय वन प्र‍बंधन संस्‍थान और भारतीय होटल प्रबंधन संस्‍थान आदि भोपाल में स्थित हैं।
  • इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय मानव संग्रालय, भदभदा रोड, भोपाल में स्थित है।
  • क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला, उन्‍नत सांड प्रजनन केंद्र, भदभदा रोड भोपाल में स्थित हैं।
  • कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला, नबीबाग भोपाल में स्थित है।
  • भारत भवन भोपाल स्थित एक सांस्‍कृतिक कला का केन्‍द्र है।
  • ताजुल मस्जिद एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद, भोपाल में स्थित है, जिसका निर्माण शाहजहां बेगम ने करवाया था।
  • सबसे छोटी ढाई सीढ़ी की मस्जिद भी भोपाल में ही स्थित है।
  • श्‍यामला हिल्‍स पर स्थित बड़े तालाब का निर्माण परमार वंश के शासक राजा भोज ने करवाया था।
  • वर्ष 1960 में ब्रिटेन के सहयोग से बीएचईएल की स्‍थापना, गोविंदपुरा, भोपाल में की गई तथा रेलवे कोच फैक्‍ट्री, निशांत पुरा में स्थित है।
  • आरसीव्‍हीपी नरोन्‍हा प्रशासन अकादमी, छोटा तालाब, शाहपुरा, भोपाल में स्थित है।
  • वन विहार राष्‍ट्रीय उद्यान व सर्प उद्यान, मध्‍यप्रदेश के भोपाल में बड़े तालाब के किनारे स्थित है।
  • भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज, राजा भोज अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा और आईएसओ प्रमाणित रेलवे स्‍टेशन स्थित है।

रायसेन जिला-

रायसेन जिला ऐतिहासिक तौर पर अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण स्‍थल है। यहां औबेदुल्‍लागंज के पास भीमबेटका गुफा समूह मानव के आदि जीवन के साक्ष्‍य प्रदान करती है। भीमबेटका गुफाओं को 2003 में यूनेस्‍को ने विश्‍व धरोहर की सूची में शामिल किया था।

  • वर्ष 1989 में रायसेन जिले में स्थित सांची को भी यूनेस्‍को विश्‍व धरोहर की सूची में शामिल ‍किया गया था।
  • रायसेन के पाटनी गांव में मृगेन्‍द्रनाथ की गुफाएं स्थित हैं।
  • वर्ष 2012 में अंतर्राष्‍ट्रीय बौद्ध विश्‍वविद्यालय का शिलान्‍यास सांची में किया गया।
  • आचार्य रजनीश(ओशो) का जन्‍म रायसेन जिले के मुपवाड़ा नामक स्‍थान पर हुआ था।
  • रायसेन का किला, रातापानी अभयारण्‍य (प्रोजेक्‍ट टाईगर), और सिंघौरी अभयारण्‍य यहां स्थित हैं।
  • मंडीद्वीप और तामोट यहां के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं।
  • हिंदुस्‍तान इलेक्‍ट्रो ग्रेफाईट और गैस सिलेण्‍डर कारखाना, मंडीद्वीप में स्‍थापित किया गया है।
  • यहां विश्‍व का सबसे बड़ा शिवलिंग, भोजपुर में स्थित है, जहां शिवरात्रि पर प्रतिवर्ष मेला लगता है।

विदिशा जिला-

विदिशा का पुराना नाम भिल्‍लस अथवा बेसनगर था, यह बेतवा नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन शहर है। पुराणों में विदिशा का नाम भद्रावती तथा औरंगजेब ने इसका नाम आलमगीरपुर रखा था।

  • भागवत धर्म से संबंधित होलियोडोरस का प्रसिद्ध गरूड़ स्‍तंभ, विदिशा में स्थित है।
  • गुप्‍तकालीन उदयगिरि की गुफाएं यहां स्थित हैं।
  • सम्राट अशोक सागर परियोजना हलाली नदी पर स्थित है।
  • सम्राट अशोक की पत्‍नी महादेवी विदिशा की थी।
  • यहां बराह अवतार की लेटी हुई प्रतिमा अत्‍यंत प्रसिद्ध है।
  • जैन तीर्थकंर शीतलनाथ की जन्‍म स्‍थली विदिशा में ही स्थित है।

सीहोर जिला-

सीहोर को सिद्धपुर के नाम से भी जाना जाता था। मध्‍यप्रदेश राज्‍य के पुर्नगठन से पहले भोपाल राज्‍य की राजधानी सीहोर हुआ करती थी।

  • पार्वती नदी का उद्गम सीहोर की आष्‍टा तहसील से होता है।
  • रेलवे स्‍लीपर बनाने का कारखाना व ट्रेक्‍टर परीक्षण केन्‍द्र,  बुधनी में स्थित हैं।
  • रफी अ‍हमद किदवई कृषि महाविद्यालय, सीहोर में स्‍थापित किया गया है।
  • सीहोर में प्रदेश का पहला आवासीय खेल विद्यालय स्‍थापित किया गया है।  
  • विजयासेन का प्रसिद्ध माता का मंदिर सलकनपुर पहाड़ी पर स्थित है, जहां मेला लगता है।
  • कुंवर चैन सिंह की समाधि स्‍थल मध्‍यप्रदेश के सीहोर में स्थित है।

राजगढ़ किला-

  • राजगढ़ में नरसिंहगढ़ व चिड़ीखोह अभयारण्‍य स्थित है।
  • जिले के व्‍याबरा में राष्‍ट्रीय राजमार्गों का चौराहा स्थित है।
  • नीलूखेड़ी औद्योगिक केंद्र मध्‍यप्रदेश के राजगढ़ जिले में है।
  • मध्‍यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2015 में सीहोर स्थित कुंवर चैन सिंह की छतरी पर गार्ड ऑफ ऑनर प्रांरभ किया है।
  • कुंवर चैन सिंह, अंग्रेजों के विरूद्ध लड़ते हुए शहीद होने वाले प्रथम मध्‍यप्रदेश के क्रांतिकारी थे।   
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